LAUT AAYE BAPU……….आज कई महीनो बाद अपनी कर्म भूमि से अपनी जन्म भूमि बिहार पहुँच रहा हूँ गाँधी उत्सव में शामिल होने और 2 अक्टूबर को अपना जन्म दिन मानाने !

MUSAFIR HOON YAARO, NA GHAR HAI NA THIKANA……….मुझे चलते जाना है, बस चलते जाना !!

एक राह रुक गयी तो और जुड गयी,
मैं मुड़ा तो साथ-साथ राह मुड़ गयी,
हवा के परों पर मेरा आशियाना

MUSAFIR HOON YAARO, NA GHAR HAI NA THIKANA…….

FB BARAKAR NADI.