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“TODAY I VISITED THE NEWLY CONSTRUCTED BIHAR MUSEUM IN PATNA”

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TODAY I VISITED THE NEWLY CONSTRUCTED BIHAR MUSEUM IN PATNA…….13.5 एकड़ में बना यह एशिया का सब से बड़ा म्यूजियम है !

म्यूजियम के Officers की एक टीम ने मुझे पूरे म्यूजियम की सैर कराई ! मैं उनका आभारी हूँ I संजोग से अभी वहां महात्मा गाँधी के चित्रों की प्रदर्शनी भी लगी हुई थी !

सच पूछए तो यहाँ इतनी चीज़ें हैं देखने योग्य कि एक दिन में देखना संभव नहीं है !


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“HAPPY DEEPAWALI”

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“KAALE GORE KA BHED NAHIN, HAR DIL SE HAMARA NAATA HAI”

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KAALE GORE KA BHED NAHIN, HAR DIL SE HAMARA NAATA HAI…………. कुछ और न आता हो हमको 
हमें प्यार निभाना आता है !!! 


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“NAHIN TERA NASHEMAN, QASR-E- SULTANI KI GUMBAD PAR”

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NAHIN TERA NASHEMAN, QASR-E- SULTANI KI GUMBAD PAR…….तू शाहीन है, बसेरा कर पहाड़ों की चटानो पर !

मैं डॉक्टर इकबाल के इसी प्रेरक शेर पर अमल कर , पहाड़ों की चटानो पर नशेमन बनाने की कोशिश कर रहा हूँ …..

(Thy abode is not on the dome of a royal palace
You are an eagle and should live on the rocks of mountains)

 

 


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“MY NEW PROFILE PICTURE”

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” CAN WE STILL DENY THE EXISTENCE OF GOD”

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CAN WE STILL DENY THE EXISTENCE OF GOD………जो एक पक्षी में इतने रंग डाल सकता है, उसे हमारी ज़िन्दगी में रंग डालने में कितना समय लगेगा ?

शर्त है, उस पर विश्वाश का होना …….वैसे भी नकारात्मकता, नास्तिकता का प्रतीक है !!


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“MY NEW PROFILE PICTURE”

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“LEARNING IS AN ONGOING PROCESS”

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LEARNING IS AN ONGOING PROCESS……..समाचार पत्र दैनिक भास्कर के प्रिंटिंग प्रेस में जाकर समाचार टाइप होने से छपने तक कि सारी जानकारी मिली, जो कि मेरे लिए नयी बात थी !!

कल 7th.October, 2016 की शाम मेरे लिए यादगार शाम थी I मेरा सौभाग्य है कि मैं भारत के सब से बड़े समाचार पत्र समोह ,“दैनिक भास्कर” ,के भागलपुर ऑफिस में, एडिटर श्री राजेश रंजन के आमंत्रण पर गया I

दैनिक भास्कर के,14 राज्यों से 61 संस्करण,4 भाषाओं में प्रकाशित होते हैं I यह विश्व का चौथा बड़ा समाचार पत्र है I

श्री राजेश रंजन जी ने , न सिर्फ सभी स्टाफ से परिचय कराया , बल्कि मुझे प्रिंटिंग प्रेस भी दिखाया और समाचार पत्र छपने कि सारी प्रतिक्रिया से भी अवगत कराया I गरचे मैं कई दशकों से समाचार पत्रों से लेखक के रूप में जुटा हुआ हूँ , परन्तु मैं एडिटर के कमरे से आगे कभी नहीं गया I प्रिंटिंग प्रेस देखने का मेरे लिए पहला अवसर था I जिसके लिए मैं श्री राजेश रंजन जी का आभारी हूँ I

30,000 वर्ग फीट के विशाल प्रांगन में फैला हुआ कार्यालय एवं प्रिंटिंग प्रेस देखने लायक है I जहां ऑफिस का सेट उप इतना सुन्दर है कि वहां से सकारात्मक ऊर्जा निकलती , महसूस होता है, वहीँ प्रिंटिंग प्रेस में भी अत्यंत आधुनिक मशीनें लगी हुई हैं I

LEARNING IS AN ONGOING PROCESS……..समाचार पत्र दैनिक भास्कर के प्रिंटिंग प्रेस में जाकर समाचार टाइप होने से छपने तक कि सारी जानकारी मिली, जो कि मेरे लिए नयी बात थी !!

7th.October 2016 evening ,was a memorably evening for me. On the invitation of Mr.Rajesh Ranjan, Editor, “Dainik Bhaskar” daily, I visited the office of India’s largest news paper group.

“Dainik Bhaskar” has as many as 61 editions, published in 4 languages in 14 states of India.

Mr.Ranjan, not only introduced me to his entire team, but he took me along to the printing press too and explained the whole process of news paper making & printing. Although, I am associated with news papers for decades, albeit as an author ;and have visited quite a few news paper offices across the country, but never went beyond the editor’s room. This was my first experience of visiting a news paper printing press. My profuse thanks to Mr.Ranjan.

Spread over an area of 30,000 sq.ft, the office & the printing press is worth visiting. Not only, the office has a decent infrastructure, the press is well equipped with latest machinery.


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“YESTERDAY WAS MY DAY”

YESTERDAY WAS MY DAY…………कल यानी 2 अक्टूबर को मैं ने अपना जन्म दिन भागलपुर से निकली “सध्भावना यात्रा “में सम्मिलित होकर गुज़ारा !

भागलपुर से लगभग 7 km की दूरी पर बसा “बैजानी” गाँव इतिहास के पन्नो में अपनी जगह बना चूका है I मनोज मीता जी और उनके सहयोगी पिछले 3 साल से विराट “गाँधी उत्सव” आयोजित कर रहे हैं I अब यह काफी मशहूर हो चूका है I इसका प्रमाण है येहाँ देश के कई भागों से विद्वानों का इस समारोह में सम्मिलित होना I

मेरा सौभाग्य है कि आयोजकों ने मुझे तीनो साल सम्मिलित होने का अवसर दिया I पिछले साल श्रीमती सुजाता चौधरी जी ने मंच से सुभानपुर गाँव में अपनी 10 बीघा ज़मीन गाँधी आश्रम बनाने के लिए दान में देने कि घोषणा की थी I

इस साल वहां पर इसका शिल्नायास का विधिवद कार्यक्रम  “गाँधी उत्सव” के आयोजकों दुआरा संपन्न हुआ I

कल बैजानी गाँव में बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण और एक संगोष्टी के समापन के बाद Cars, Motorcycles का विशाल समूह भागलपुर के बैजानी गाँव से 30 km दूर बसे बांका जिला के सुभानपुर गाँव “सद्भावना यात्रा “ के रूप में रवाना हुआ I सुभानपुर और उसके आस पास के गाँव में बिलकुल मेला जैसा दृश्य था I लोगों का उत्साह देखने योग्य था I  औपचारिक शिलान्यास के बाद बाक़ी दुसरे कार्यक्रम बहुत ही सफलता पूर्वक सम्पन्न हुए I

 

Situated at a distance of 7 Km from Bhagalpur, village Baijani has carved its place in the history. Manoj Meeta jee & his supporters have been very successfully organizing “Gandhi Utsav” for the past three years. It has now become very famous. Its popularity & recognition is proved by the participation of scholars from various parts of the country.

I am lucky to have participated in all the three celebrations.

Last year Dr.(Mrs)Sujata Chaudhry , a hard core Gandhian & a scholar par excellence, was generous enough to donate 10 bighas of land in village Subhanpur in the neighboring Banka district for the construction of “Bapu Ashram”.

A formal foundation laying ceremony was organized at the site of the proposed Ashram yesterday.

Back to Baijani, after a brief seminar & paying floral tribute to Bapu, a big fleet of cars & motorcycles , started a 30 Km long Baijani- Subhanpur “Sadbhavna Yatra” from Baijani at around 4PM. The scene in Subhaanpur & adjoing villages was no less than that of a mela. The excitement & the festivity was worth seeing.

After laying the foundation stone, other programs were conducted very successfully.

 

 

 


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